ShuddhGaon

गुड़ कैसे बनता है? गन्ने से गुड़ बनने की पूरी प्रक्रिया

हिंदी में · अपडेट 4 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें

गन्ना, कोल्हू, खुली कड़ाही और खोई की आग। गाँव के कोल्हू पर गुड़ जिस तरह बनता है, उसी क्रम में, सात चरणों में।

Read this in English

गुड़ बनने के चार चरण: गन्ने की कटाई, कोल्हू पर पेराई, खुली कड़ाही में रस उबालना और पैकिंग
चित्र केवल समझाने के लिए है।

संक्षेप में: गुड़ गन्ने के रस को खुली कड़ाही में उबालकर बनाया जाता है। गन्ना कोल्हू में पेरा जाता है, रस छाना जाता है, उबालते समय ऊपर आया मैल निकाला जाता है, और गाढ़ा होने पर उसे ठंडा करके भेली, ढेली या पाउडर का रूप दिया जाता है। मोटे तौर पर दस किलो गन्ने से एक किलो गुड़ बनता है।

कोल्हू क्या होता है

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोल्हू सिर्फ़ गन्ना पेरने की मशीन नहीं है। आसपास का पूरा ठिकाना भी कोल्हू ही कहलाता है: पेराई की मशीन, ज़मीन में बनी भट्टी, उस पर रखी चौड़ी कड़ाहियाँ और गुड़ ठंडा करने की जगह। मुज़फ़्फ़रनगर और बागपत के इलाक़े में सर्दियों भर ऐसे कोल्हू चलते हैं।

गन्ने से गुड़ तक: सात चरण

  1. गन्ने की कटाई. सर्दियों में पका हुआ गन्ना काटा जाता है, उसकी पत्तियाँ और अगोला हटाकर कोल्हू पर लाया जाता है। कटा हुआ गन्ना जल्दी पेरना ज़रूरी है, क्योंकि रखा हुआ गन्ना अच्छा गुड़ नहीं देता।
  2. पेराई. गन्ने को भारी बेलनों के बीच से गुज़ारकर रस निकाला जाता है। जो सूखा रेशा बचता है उसे खोई कहते हैं। खोई को धूप में सुखाकर भट्टी में जलाया जाता है, यानी गन्ने का रस उसी की खोई की आग पर पकता है।
  3. रस छानना. ताज़े रस में रेशे और खेत की धूल होती है। उसे जाली या कपड़े से छानकर पहली कड़ाही में डाला जाता है।
  4. उबालना और मैल निकालना. रस गरम होते ही ऊपर मैल की परत आ जाती है। उसे छेद वाले बड़े करछे से बार-बार निकाला जाता है। रस की सफ़ाई इसी से होती है। कुछ जगह इसी समय रंग हल्का करने के लिए केमिकल डाले जाते हैं। इस पर हमारा पन्ना बिना सल्फर का गुड़ देखें।
  5. रस को गाढ़ा करना. साफ़ रस को दो से तीन घंटे लगातार चलाते हुए उबाला जाता है, जब तक पानी उड़ न जाए और रस सुनहरी, गाढ़ी चाशनी न बन जाए। कारीगर थोड़ा-सा घोल ठंडे पानी में डालकर देखता है: सख़्त गोली बन जाए तो गुड़ तैयार है।
  6. ठंडा करना. गरम गुड़ को चौड़े बर्तन में उँडेलकर लकड़ी के चप्पू से चलाया जाता है। ठंडा होते-होते वह गाढ़ा होता है और जमने लगता है।
  7. आकार देना या पीसना. गुनगुने गुड़ से भेली, ढेली या क्यूब बनाए जाते हैं। पाउडर के लिए गुड़ को थोड़ा और सुखाया जाता है, फिर पीसकर छाना जाता है। इसके बाद पैकिंग होती है।

गुड़ और चीनी में फ़र्क़

दोनों गन्ने के रस से बनते हैं। फ़र्क़ इसमें है कि रस से क्या निकाला गया। चीनी मिल में रस से दाने बनाकर मशीन में घुमाया जाता है और गहरा शीरा अलग कर दिया जाता है। गुड़ में से शीरा अलग नहीं किया जाता। उबला हुआ रस, शीरे समेत, गुड़ बन जाता है, इसीलिए उसका रंग सुनहरा-भूरा होता है और स्वाद में गन्ने की सोंधी ख़ुशबू रहती है।

गुड़ और चीनी बनने की तुलना
चरणगाँव का गुड़मिल की चीनी
रस की सफ़ाईखुली कड़ाही में मैल निकालकरचूना और सल्फर डाइऑक्साइड से
उबालनाखुली कड़ाही, खोई की आगबंद वैक्यूम पैन
शीरागुड़ में ही रहता हैमशीन से अलग किया जाता है
नतीजासुनहरे से गहरा भूरा गुड़सफ़ेद दाने

हर बार रंग अलग क्यों होता है

गन्ना हर खेत और हर महीने में थोड़ा अलग होता है। कुछ मिनट ज़्यादा पका गुड़ गहरा और सख़्त जमता है। जिस रस से मैल ध्यान से निकाला गया, उसका गुड़ हल्का होता है। जो हर भेली को एक जैसा दिखाना चाहता है, उसे अक्सर कुछ मिलाना पड़ता है या कई बैच आपस में मिलाने पड़ते हैं। जो कुछ नहीं मिलाता, उसका गुड़ कभी सुनहरा तो कभी गहरा भूरा निकलता है।

शुद्धगाँव का गुड़ कैसे बनता है

ठीक ऊपर लिखे तरीक़े से, और उसमें कुछ मिलाए बिना। गन्ना मुज़फ़्फ़रनगर के इलाक़े के किसान परिवारों से आता है, गाँव के कोल्हू पर पेरा जाता है, और रस को लोहे की खुली कड़ाही में पकाते हुए हाथ से मैल निकाला जाता है। न हाइड्रोस, न सल्फर, न रंग, न कोई प्रिज़र्वेटिव। फिर उसके क्यूब काटे जाते हैं या बारीक पाउडर पीसा जाता है, और बागपत में पैक किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुड़ किससे बनता है?
गन्ने के रस से। दक्षिण और पूर्वी भारत में ताड़ और खजूर के रस से भी गुड़ बनता है, लेकिन उत्तर भारत में गुड़ का मतलब गन्ने का गुड़ ही होता है।
एक किलो गुड़ बनाने में कितना गन्ना लगता है?
मोटे तौर पर दस किलो। सही आँकड़ा गन्ने की क़िस्म, उसके पकने और पेराई पर निर्भर करता है।
गुड़ किस मौसम में बनता है?
उत्तर भारत में कोल्हू अक्टूबर की शुरुआत से चलने लगते हैं और सर्दियों भर, मार्च-अप्रैल तक चलते हैं, जब गन्ना पका होता है। इसीलिए सर्दियों का गुड़ सबसे ताज़ा होता है।
क्या गुड़ चीनी से बनता है?
नहीं। गुड़ ताज़े गन्ने के रस से बनता है। कुछ घटिया गुड़ में चीनी मिलाई जाती है, जिसकी पहचान असली गुड़ की पहचान में बताई गई है।
गुड़ पाउडर कैसे बनता है?
गुड़ को सामान्य से थोड़ा ज़्यादा सुखाया जाता है, फिर पीसकर छान लिया जाता है। पूरी जानकारी जैगरी पाउडर क्या होता है में है।

The gur we make

More from Gur Gyan

  • जैगरी पाउडर क्या होता है? — जैगरी पाउडर कोई नई चीज़ नहीं, वही गुड़ है जो चम्मच से नापा जा सके। यह क्या है, कैसे बनता है, इसे हिंदी में क्या कहते हैं और कैसे इस्तेमाल करें।
  • असली गुड़ की पहचान — गुड़ में क्या-क्या मिलाया जा सकता है, घर पर कौन-सी जाँच हो सकती है, और कौन-सी बात सिर्फ़ लैब ही बता सकती है।
  • गुड़ कैसे स्टोर करें — गुड़ हवा से नमी खींचता है। चार आदतें जिनसे पाउडर भुरभुरा रहता है और भेली सख़्त, बरसात के उपाय, और गाँठ और फफूँद का फ़र्क़।

Cook with it

All of Gur Gyan · Shop the jaggery range