असली गुड़ की पहचान कैसे करें: रंग, गंध, पानी का टेस्ट और लेबल
गुड़ में क्या-क्या मिलाया जा सकता है, घर पर कौन-सी जाँच हो सकती है, और कौन-सी बात सिर्फ़ लैब ही बता सकती है।

संक्षेप में: सबसे पहले रंग देखें: बिना केमिकल का गुड़ सुनहरे से गहरे भूरे रंग का और थोड़ा असमान होता है; चमकीला, एक-सा पीला गुड़ अक्सर केमिकल से हल्का किया गया होता है। गंध पके गन्ने जैसी सोंधी होनी चाहिए। फिर 10 ग्राम गुड़ एक गिलास पानी में घोलें: चॉक या मिट्टी मिली हो तो नीचे बैठ जाती है। आख़िर में लेबल पढ़ें। रंग हल्का करने वाले केमिकल की जाँच घर पर नहीं, सिर्फ़ लैब में हो सकती है।
गुड़ में क्या मिलाया जाता है
- रंग हल्का करने वाले केमिकल
- उबलते रस में हाइड्रोस (सोडियम हाइड्रोसल्फ़ाइट) डाला जाता है, जिससे गुड़ चमकीला पीला दिखता है। इससे गुड़ में सल्फर डाइऑक्साइड रह जाती है।
- रंग
- FSSAI के मानक के अनुसार गुड़ में ऊपर से रंग मिलाने की अनुमति नहीं है।
- मिलावट
- वज़न बढ़ाने के लिए चॉक पाउडर जैसी चीज़ें।
- चीनी
- कमज़ोर गुड़ को सख़्त और चमकदार बनाने के लिए सफ़ेद चीनी।
घर पर चार जाँच
- रंग देखें. बिना ब्लीच का गुड़ सुनहरे से गहरे भूरे रंग का होता है और पूरी तरह एक-सा नहीं होता। बहुत हल्का, चमकीला, एक-सा पीला गुड़ अक्सर केमिकल से साफ़ किया गया होता है।
- सूँघें और चखें. अच्छे गुड़ से पके गन्ने की सोंधी ख़ुशबू आती है। तीखी, गंधक जैसी गंध चेतावनी है। स्वाद मीठा और सोंधा होना चाहिए, खड़िया जैसा या केमिकल जैसा नहीं।
- पानी का टेस्ट. यह जाँच FSSAI की DART पुस्तिका में दी गई है। पारदर्शी गिलास में पानी लें और उसमें 10 ग्राम गुड़ (लगभग दो चम्मच) घोलें। गुड़ में चॉक मिली हो तो वह नीचे बैठ जाएगी। गन्ने का थोड़ा बारीक रेशा सामान्य है, सफ़ेद तलछट नहीं।
- दाने देखें. एक टुकड़ा तोड़कर रोशनी में देखें। असली गुड़ अंदर से ठोस होता है और उसमें चमक नहीं होती। अंदर चीनी जैसे बड़े, चमकते दाने दिखें तो चीनी मिली होने का इशारा है, पक्का सबूत नहीं, क्योंकि पुराना गुड़ भी अपने-आप दानेदार हो जाता है।
लेबल पढ़ें
- सामग्री: एक ही चीज़, गन्ने का रस या गन्ने का गुड़।
- FSSAI लाइसेंस नंबर, जो हर पैक किए हुए खाने पर होना ज़रूरी है।
- पैकिंग की तारीख़ और बैच नंबर।
- साफ़ बात: "सल्फर फ़्री" और "बिना रंग" जैसी बातें जाँची जा सकती हैं। गोलमोल शब्द नहीं।
जो घर पर पता नहीं चल सकता
रंग और गंध सिर्फ़ इशारा करते हैं। पानी का टेस्ट चॉक जैसी न घुलने वाली मिलावट पकड़ता है। लेकिन गुड़ में सल्फर डाइऑक्साइड कितनी है, या हाइड्रोस डाला गया या नहीं, यह सिर्फ़ लैब बता सकती है। एसिड से होने वाली जाँचें लैब के लिए हैं, उन्हें घर पर न करें। इसलिए सबसे भरोसेमंद तरीक़ा यह है: बनाने वाले को जानें, लेबल पढ़ें, और फिर अपनी आँख, नाक और एक गिलास पानी से जाँचें।
हमारा गुड़
शुद्धगाँव के गुड़ में एक ही चीज़ है: गन्ने का रस। लोहे की खुली कड़ाही में पकाते समय हाथ से मैल निकालकर रस साफ़ किया जाता है। न हाइड्रोस, न सल्फर, न ब्लीच, न रंग, न प्रिज़र्वेटिव। इसीलिए हर बैच का रंग थोड़ा अलग होता है। पूरी प्रक्रिया गुड़ कैसे बनता है में पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- असली गुड़ की पहचान कैसे करें?
- रंग सुनहरे से गहरा भूरा हो, चमकीला पीला नहीं। गंध पके गन्ने जैसी सोंधी हो। 10 ग्राम गुड़ एक गिलास पानी में घोलें, नीचे सफ़ेद तलछट न बैठे। और लेबल पर सामग्री में सिर्फ़ गन्ने का रस लिखा हो। ये जाँचें चॉक और साफ़ दिखने वाली ब्लीचिंग पकड़ती हैं; कोई केमिकल नहीं डाला गया, यह सिर्फ़ लैब बता सकती है।
- गुड़ में केमिकल है या नहीं, कैसे पता करें?
- बहुत हल्का, चमकीला, एक-सा पीला रंग और तीखी गंध केमिकल के संकेत हैं। पक्का सबूत सिर्फ़ लैब की जाँच से मिलता है।
- गुड़ में चीनी मिली है, यह कैसे पहचानें?
- घर पर इसकी पक्की जाँच नहीं है। टुकड़े के अंदर चीनी जैसे बड़े, चमकते दाने इशारा हैं, सबूत नहीं, क्योंकि पुराना गुड़ भी अपने-आप दानेदार हो जाता है। पक्की जाँच लैब में होती है।
- क्या काला या गहरा गुड़ हमेशा असली होता है?
- नहीं। बिना ब्लीच का गुड़ आम तौर पर गहरा होता है, लेकिन ज़्यादा पकाने से भी गुड़ काला हो जाता है। रंग के साथ गंध, पानी का टेस्ट और लेबल भी देखें।
- गुड़ पाउडर की जाँच कैसे करें?
- उसी तरह। दो चम्मच पाउडर एक गिलास पानी में घोलें। पानी सुनहरा-भूरा हो जाना चाहिए और नीचे सफ़ेद परत नहीं बैठनी चाहिए।